जीवन परिचय

श्री अशोक कटारिया जी का जन्म 18 दिसंबर 1972 को बिजनौर उत्तर प्रदेश के हिमपुर पृथ्या गाँव में हुआ | खेत और खेती की दुर्दशा से उनका परिचय बाल्यावस्था मे ही हो गया इसलिए किसान और गाँव उनके मानस में हमेशा रहता है | बचपन से ही भारतीयता की ओर झुकाव रहा, हिंदुत्व के मानव के मूल्‍यो को जीवन में उतरा | प्रारंभिक शिक्षा से विद्यालय की गतिविधियो मे संलग्न रहे, इसी से उन्हे शिक्षा के राष्ट्रव्यापी आंदोलन ने आकर्षित कर  लिया | इसी के चलते, विद्यार्थी हित के लिए, 1990 मे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से जुड़े और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा के नियमित सदस्य रहे | 1993 मे आपने रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र विषय मे स्नातक किया | अच्छे अध्ययन और संगठन में कार्य कुशलता के कारण उनको 1994 में विभाग संगठन मंत्री, मुरादाबाद का दायित्व सौपा गया और इसका सफलता पूर्वक निर्वहन किया। छात्रों के सभी मुद्दों पर संघर्ष रत रहे और भारत माता की जयकार करते हुए और हजारों छात्रों का नेतृत्व करते हुए "छात्र शक्ति - राष्ट्र शक्ति " का नारा बुलंद किया। 1996 मे  विभाग संगठन मंत्री, मेरठ का दायित्व सौंपा गया | भगवान श्री कृष्ण एवं स्वामी विवेकानंद के जीवन अध्ययन का उनपर बड़ा गहरा असर है | 1997 से 2000 तक विभाग संगठन मंत्री, बरेली रहते हुए, महातमा ज्योतिबा फूले  रूहेलखंड विश्वविधालय बरेली में उन्होंने अभूतपूर्व कार्य  किया एवं राजनीति शास्त्र मे स्नातकोत्तर का अध्ययन संपन्न किया | बिजनौर मुरादाबाद, बरेली जिलों में लगतार संघर्षरत रहे | छात्र राजनीति करते करते कब वे युवा भारत के नेता बन गए पता ही नहीं चला, युवा निर्माण का उनका काम देख कर शीर्ष नेतृत्व द्वारा भारतीय जनता युवा मोर्चा में 2001 मे प्रदेश मंत्री के लिए चुन लिये गए | प्रदेश मंत्री रहते हुए पुरे उत्तर प्रदेश में उन्होंने युवा जन जागरण का काम किया। युवाओं में देश के लिए जीने का संकल्प विकसित किया। उनके इस योगदान से प्रभवित होकर उनको उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्ये में एक बड़ी जिमेदारी मिली, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए। 3 वर्ष तक अध्यक्ष पद की जिमेदारी का निर्वहन करते हुए क्रन्तिकारी जीवन जिया। 2005 के मऊ, उत्तर प्रदेश के सम्प्रदायक दंगे हो या फिर भारत तोड़ो राजनीति की अन्य गतिविधियाँ, भारत और हिंदुत्व विरोधी शक्तियों का जमकर विरोध किया, संघर्ष किया और विधानसभा का धेराव किया, अंततः जेल गए | भारत माता की सेवा कार्य के परिणाम स्वरुप उनको भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश मंत्री पद की ज़िम्मेदारी मिली। 6 वर्ष तक सफल रूप से इस ज़िम्मेदारी का निर्वहन किया। 2013 में प्रदेश उपाध्यक्ष और 2016 में प्रदेश महामंञी ऐवं 2017 में पुनः प्रदेश महामंञी का दायित्व सौपा गया , इस दौरान पूरे उत्तर प्रदेश भ्रमण में और देश के अन्य भागों में रह रहे उत्तर प्रदेश के लोग, देश विदेश में बैठे भारतीय उनके संपर्क में आये और उनसे प्रभावित हुए और राष्ट्र निर्माण के आन्दोलन में जुड़ते चले गए | कुशल वक्ता होने का गुण, जीवन में पारदर्शिता और ईमानदारी, उनको भारत की आत्मा से जोडती है | वर्तमान में प्रदेश महामंत्री-भाजपा,उत्तर प्रदेश ऎवं उ.प्र. के उच्च सदन - विधान परिषद के सदस्य के रूप में अपने दायत्व का कुशल निर्वहन कर रहे हैं | पश्चिम उत्तर प्रदेश के युवा हृदय सम्राट श्री अशोक कटारिया जी संघर्ष और कर्मठता की जीवंत मिसाल होने के साथ साथ एक कुशल वक्ता हैं और स्वामी विवेकानंद जी को अपना परम आदर्श मानते हैं। 

संदेश
जो देश के नहीं काम का, वह मेरे किस काम का ...